Rahukaal Today/ 17 March 2017 (Delhi)-23 March 2017

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भैया दूज

भैया दूज को भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं। इस पर्व का प्रमुख लक्ष्य भाई तथा बहन के पावन संबंध व प्रेमभाव की स्थापना करना है। इस दिन बहनें बेरी पूजन भी करती हैं। इस दिन बहनें भाइयों के स्वस्थ तथा दीर्घायु होने की मंगल कामना करके तिलक लगाती हैं। इस दिन बहनें भाइयों को तेल मलकर गंगा यमुना में स्नान भी कराती हैं। यदि गंगा –यमुना में नहीं नहाया जा सके तो भाई को बहन के घर नहाना चाहिए। यदि बहन अपने हाथ से भाई को जीमाए तो भाई की उम्र बढ़ती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इस दिन चाहिए कि बहनें भाइयों को चावल खिलाएं। इस दिन बहन के घर भोजन करने का विशेष महत्व है। बहन चचेरी अथवा ममेरी कोई भी हो सकती है। यदि कोई बहन न हो तो गाय, नदी आदि स्त्रीत्व पदार्थ का ध्यान करके अथवा उसके समीप बैठ कर भोजन कर लेना भी शुभ माना जाता है। इस दिन गोधन कूटने की प्रथा भी है। स्त्रियां घर-घर जाकर चना, गूम तथा भटकैया चराव कर जिव्हा को भटकैया के कांटे से दागती भी हैं। दोपहर पर्यन्त यह सब करके बहन भाई पूजा विधान से इस पर्व को प्रसन्नता से मनाते हैं। इस दिन यमराज तथा यमुना जी के पूजन का विशेष महत्व है |

भैया दूज की कथा

भगवन सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज बात को टालता रहा। कार्तिक शुक्ल का दिन आया। यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, उसे अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया। यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया। यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने का आदेश दिया। यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करे, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है |

 

भाई दूज पर ऐसा क्या करें कि आपके भाई कि जिंदगी खुशियों से भर जाए ये बताएँगे आचार्य इन्दुप्रकाश, कल भाई दूज है कल आपके पास मौका है कि आप अपने भाई का भाग्य बना सकती है | अपने भाई कि तकदीर  संवार सकती है अपने भाई के पैर का काँटा निकाल सकती है |

उपाय १:-
चावल को पीसकर उसका घोल बना ले उससे एक वर्गाकार आकृति जमीन पर बना लें ऊपर कि ओर चाँद और सूर्य बनाएं | नीचे कि तरफ सात बहन और एक भाई कि आकृति बनाएं उस वर्गाकार आकृति पर बेर की टहनी कांटे सहित रख दें | एक मिट्टी का कुल्हड़ उल्टा कर के रखे शत्रु की आकृति पर मसूल से उस कुल्हड़ को तोड़ दें और मान ले की भाई का बैरी नष्ट हो गया |
उपाय २:- बेर की टहनी नौ कांटो के साथ लाकर उसे गेरू से रंग दें | फिर उसे घर से दक्षिण - पश्चिम दिशा में इस टहनी को उल्टा लटका दें उस टहनी से रोज एक काँटा तोड़कर फेक दें भाई का दुश्मन नष्ट हो जाएगा |
उपाय ३:- गूलर की जड़ लाकर आठ अंगुल की कील बनाएं बरगद का एक बूँद दूध लाकर बताशे में डालकर घर में रख ले भाई जब घर आये तो उससे कहें कि  पानी के साथ निगल ले और गूलर की कील उसके दाहिने हाँथ में देकर उससे कहें कि इसे हमेशा अपने साथ रखें इससे भाई को सर्वत्र विजय प्राप्ति होगी |
उपाय ४:- एक मिट्टी के कुल्हड़ में दही लाकर उसे घर में रख लें और जब भाई आये तो उससे कहें कि वो शत्रू का नाम लिखकर उसे दही में डुबा दें उस कुल्हड़ को लाल कपड़े में लपेट कर भाई को दे दें और भाई से कहें कि वो इस कुल्हड़ को अपने घर लेजाकर उसे किसी ऊँची जगह पर रख दें | भाई का बैरी उससे शत्रुता छोड़ देगा |


राशियों की बात करते हैं |
भैया का भविष्य !
मेष :- कारोबार को लेकर मानसिक तनाव हो सकता है | करियर भी मध्यम रहेगा | किसी पर आँख बंद कर भरोसा ना करें |
वृष :- किसी अपने से नुकसान की संभावना है | बेहतर होगा कि बिजनेस पार्टनर से होशियार रहें | और लेन दें में सावधानी बरतें |
मिथुन :- हर कदम सोंच - समझकर उठायें | नयें बिजनस का प्लान फिल्हाल रहने दें | जिस करियर में हैं अभी उसी में मन लगाएं |
कर्क :- मन से डर को निकाल दें | कारोबार में जितना पैसा लगायेंगे उतना ही फायदा होगा नए बिजनेस की भी सोंच सकतें हैं |
सिंह :- समय अच्छा है, जो पैसा लगाया है अब उसका फल मिलेगा करियर के नए रास्ते खुलेंगे|
कन्या :- अच्छा समय शुरू हो चुका है | कारोबार में फायदा होगा लक्ष्मी बरसेगी |
तुला :- समय बेहद अच्छा है, कारोबार में जबरदस्त फायदा होगा नया करियर बनाने का वक्त आ गया है, मिट्टी भी छुएंगे तो सोना हो जाएगा |
वृश्चिक :- बिजनेस मध्यम रहेगा ज्यादा फायदे की न सोंचें एक गलत कदम नुकसान पहुंचा सकता है|
धनु :- समय मध्यम है, कारोबार हो या करियर ऐसा लग रहा है जैसा थम सा गया है | कोई नुकसान पहुचाने की ताक में है होशियार रहें |
मकर :- समय मध्यम है कारोबार पर ध्यान देने की जरुरत है करियर भी थोड़ा मध्यम रहेगा |
कुंभ :- समय प्रतिकूल है कारोबार में नुकसान की संभावना है | पार्टनर से होशियार रहें साझेदारी के काम में नुकसान हो सकता है |
मीन :- समय अच्छा है कारोबार में बहुत फायदा होगा | नया बिजनेस भी शुरू कर सकतें हैं | आज आप जो भी करियर चुनना चाहतें हैं आँख बंद कर के चुन लें |

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