Rahukaal Today/ 09 AUGUST 2017 (Delhi)-15 AUGUST 2017

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13 जनवरी 2017, लोहड़ी
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लोहड़ी

 

साल 2017 में लोहड़ी का त्योहार 13 जनवरी के दिन शुक्रवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया जायेगा। पंजाबियों में लोहड़ी मनाने की बहुत सारी मान्यताएं प्रचलित है। यह सबसे प्रसिद्ध फसल कटाई का त्योहार है जो किसानों के लिए बहुत महत्व रखता है। लोग इस दिन अलाव जलाते है, वे अलाव के चारों ओर गाते और नाचते समय आग में  रेवडी, टाफी, तिल के बीज, पापकार्न, गुड अन्य चीजें डालतें है। शाम को एक पूजा समारोह रखा जाता है जिसमें लोग अग्नि की पूजा करते है, अलाव के चारों ओर परिक्रमा करते हैं और भविष्य की समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते है। ढ़ोल की थाप पर भांगड़ा करते है। लोहड़ी का त्योहार नविवाहित जोड़े के लिये उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि घर में जन्मे पहले बच्चे के लिये। इस दिन, दुल्हन नई चूड़ियां, कपड़े, बिंदी, मेंहदी, साड़ी, स्टाइलिश बाल और रंगीन पगड़ी पहने पति के साथ तैयार होती है। इस दिन हर नई दुल्हन को उसकी ससुराल की तरफ से नए कपड़े और गहने सहित बहुत से तोहफे दिये जाते हैं। दोनों परिवार के सदस्यों की ओर से और अन्य मुख्य अतिथियों को इस भव्य समारोह में एक साथ आमंत्रित किया जाता है। वे सब उनके बेहतर जीवन और उज्जवल भविष्य के लिए नये जोड़े को आशीर्वाद देते है। नवजात शिशु की भी पहली लोहड़ी बहुत भव्य तरीके से मनायी जाती है। हर कोई बच्चे के लिए जरुरी चीजें उपहार के रुप मे देकर परिवार में नए बच्चे का स्वागत करते हैं। बच्चा नये कपड़े गहनों और मेहंदी लगे हाथों में बहुत अच्छा लगता है। बच्चा नाना-नानी और दादा-दादी दोनों की तरफ से कपड़े, गहने, फल, मूंगफली, मिठाई, आदि सहित बहुत सारे तोहफे पाता है।

लोहड़ी मनाने का महत्व- सर्दियों की मुख्य फसल गेहूं है जो अक्टूबर मे बोई जाती है जबकि, मार्च के अन्त में और अप्रैल की शुरुआत में काटी जाती है। फसल काटने और इकट्ठा करके घर लाने से पहले, किसान लोहड़ी त्योहार को अत्यंत शुभ मनाते हैं। यह हिन्दू कैलेण्ड़र के अनुसार जनवरी के मध्य में पड़ता है, जब सूर्य पृथ्वी से दूर होता है। सामान्यतः लोहड़ी का त्योहार सर्दी खत्म होने और बसन्त के शुरु होने का सूचक है।

लोहड़ी मनाने के पीछे का इतिहास- लोहड़ी मनाने के पीछे बहुत पुराना इतिहास है। यह दुल्हा भाटी की प्रशंसा में मनाया जाता है, जो राजा अकबर के समय में एक स्थानीय डाकू था। वह अमीर लोगों के घरों से धन चोरी करता था और गरीब लोगों को बांट देता था। वह गरीब और असहाय लोगों के नायक की तरह था। उसने असहाय लड़कियों के विवाह में दहेज दे कर मदद की।

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