Rahukaal Today/ 15 June 2017 (Delhi)-21 June 2017

  • Mon
  • Tue
  • Wed
  • Thu
  • Fri
  • Sat
  • Sun
Rahukaal Today
10:34:15 - 12:17:00

8:31:22 - 9:51:45
Rahukaal Today
8:51:00 - 10:34:00

7:14:52 - 8:58:45
Rahukaal Today
17:26:52 - 19:10:00

12:19:30 - 13:57:22
Rahukaal Today
7:10:15 - 8:52:30

13:57:37 - 15:35:45
Rahukaal Today
15:42:00 - 17:24:30

10:42:30 - 12:15:00
Rahukaal Today
12:17:00 - 13:59:30

9:10:30 - 10:42:45
Rahukaal Today
13:59:45 - 15:42:30

16:50:00 - 18:22:00
कुशोत्पाटिनी अमावस्या
There are no translations available.

कुश

 

सकारात्मक उर्जा को पृथ्वी में जाने से रोकने के लिए कुश से बनी अंगूठी धारण की जाती है धार्मिक कार्यों में कुश को बहुत

ही महत्वपूर्ण माना जाता है

 

कुश का प्रयोग पूजा, धार्मिक कर्मकांडों और अनुष्ठानों में इस्तेमाल करने की सलाह सब जगह मिलती है। परंपरागत रुप से इसका प्रयोग कब से शुरु हुआ-कहा नहीं जा सकता। गोस्वामी तुलसीदास ने एक जगह अनुष्ठान के सन्दर्भ में श्री राम के लिए लिखा है-”बैठे पुनि तट दर्भ डसाई“ यानि समुद्र तट पर कुश बिछा कर बैठे। कुछ ग्रंथों में, यथा यास्क की निरुक्त कालीन ग्रंथों में भी कुश के प्रयोग का जिक्र है। ये ग्रन्थ ईसा से 400 से 800 वर्ष पूर्व के बीच रचे गये  है। प्रमुख श्रौत सूत्रों और गृह्य सूत्रों ने भी कुश के प्रयोग की व्यवस्था दी है। यही नहीं साल भर में एक दिन भी ढूंढ निकाला गया जिस दिन कुश उखाड़ना या घर लाना चाहिये। इस दिन को नाम दिया गया कुशोत्पाटिनी अमावस्या। इस साल यह पर्व पहली सितम्बर को है ।

सवाल ये है की कुश को क्यों चुना गया था। जमीन पर बिछाने के लिए आसन, मूंज की मेखला सदृश कुश की मेखला और पूजा के समय दोनों हांथों की अनामिका में कुश की पवित्री- आखिर इसका राज क्या है। आज के विज्ञान को नए सिरे से इस मामले की पड़ताल करनी होगी। हम आपको कुछ अनुभव सिद्ध उपाय बताते है-

अगर आपके सर के बाल झड़ते है-तो रोज कुछ देर कुश के आसन पर बैठिये।

रोज 20 मिनट कुश के आसन पर बैठने से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है।

डिप्रेशन से छुटकारा पाने के लिए चांदी के बर्तन में शहद भर कर उसमें कुश डाल कर कमरे की उत्तर पश्चिम दिशा में रखने से डिप्रेशन दूर होता है।

रक्षा बंधन के दिन कुश की मुठिया बना कर उसे रोज बीस मिनट तक बायें हांथ में पकड़ने से दाम्पत्य सम्बन्ध मधुर रहते है और स्त्री संतुष्ट रहती है।

केतु की महादशा में कुश की चटाई पर शयन करने से, भले ही कुछ देर किया जाए, केतु के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते है।

जिस व्यक्ति में सुसाईडल टेंडेंसी यानि आत्महत्या की प्रवृत्ति, विकसित हो रही हो उसे मघा नक्षत्र के दिन ताबीज में कुश भर कर पहनाने से लाभ होता है।

आॅफिस में बैकबाईटिंग से बचने के लिए अपनी अलमारी या ड्राअर में बृहस्पतिवार  की शाम कुश रखने से आदमी बैकबाईटिंग से बचता है।

वाहन पर पीछे से एक्सीडेंट की संभावना से बचने के लिए गुरुवार की शाम जब मूल नक्षत्र पड़े तो गाड़ी के पिछले बाएं टायर के ऊपर की बाॅडी में या पिछले टायर की ;दो पहिया मेंद्ध बायीं ओर की बाॅडी में कुश चिपका देने/टेप कर देने चाहिये।

उपरोक्त सभी उपायों के लिए कुशोत्पाटिनी अमावस्या के दिन उखाड़े गए या लाये गए कुश, विशेष शुभ फल देते है।

कुश उखाड़ने से एक दिन पहले जाकर कुश में स्थित देवता को आमंत्रित करना चाहिये और उन से कुश उखाड़ने की अनुमति लेनी चाहिये और उखाड़ते समय 108  बार मंत्र पढ़ना चाहिये।

मंत्र- ऊँ हूं फट।

Share this post

Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in Delicious Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in Digg Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in FaceBook Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in Google Bookmarks Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in Stumbleupon Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in Technorati Submit कुशोत्पाटिनी  अमावस्या  in Twitter