Rahukaal Today/ 09 AUGUST 2017 (Delhi)-15 AUGUST 2017

  • Mon
  • Tue
  • Wed
  • Thu
  • Fri
  • Sat
  • Sun
Rahukaal Today
7:28:07 - 9:07:15

8:31:22 - 9:51:45
Rahukaal Today
15:43:00 - 17:22:00

7:14:52 - 8:58:45
Rahukaal Today
12:26:00 - 14:06:00

12:19:30 - 13:57:22
Rahukaal Today
14:05:22 - 15:45:15

13:57:37 - 15:35:45
Rahukaal Today
10:46:15 - 12:26:00

10:42:30 - 12:15:00
Rahukaal Today
9:06:15 - 10:45:52

9:10:30 - 10:42:45
Rahukaal Today
17:23:37 - 19:03:00

16:50:00 - 18:22:00
अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त
There are no translations available.

 

हम साथ रहेंगे 


जीवन में जितनी जरूरत स्त्री को पुरुष की होती है उतनी ही जरूरत पुरुष को स्त्री की होती है । स्त्रियां पुरुषों की लम्बी उम्र के लिए करवा चैथ का व्रत रखती हैं, ठीक वैसे ही पुरुषों को अपने जीवन-साथी की लम्बी उम्र सुनिश्चित करने के लिए अशून्यशयन द्वितीया का व्रत करना चाहिए । अशून्यशयन का मतलब यह है कि बिस्तर में अकेले न सोना पड़े...

अशून्यशयन अर्थात् अपने जीवन-साथी के बिना शयन न करना पडे़ । हेमाद्रि और निर्णय सिंधु के अनुसार अशून्यशयन व्रत पति-पत्नी के रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए बेहद अहम माना जाता है । यह व्रत भगवान से प्रार्थना करने का है कि कभी हमारी जोड़ी न बिछड़े । यह व्रत श्रावण मास और भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष के दूसरे दिन रखने का विधान है । इस बार श्रावण मास का कृष्णपक्ष 10 जुलाई से शुरू हो रहा है । प्रतिपदा तिथि सुबह 11 बजकर 26 मिनट तक रहेगी उसके बाद द्वितीया तिथि लग जायेगी । अशून्यशयन द्वितीया साह््यान व्यापिनी मानी जाती है (क्योंकि आज शाम को द्वितीया रहेगी) । कल की उदया तिथि द्वितीया है, लेकिन द्वितीया दोपहर 12ः57 तक ही रहेगी (क्योंकि आज शाम को द्वितीया रहेगी) लिहाजा द्वितीया का व्रत आज ही करना चाहिए और आज की शाम लक्ष्मीनारायण का व्रत करना चाहिए और भाद्रपद मास में 9 अगस्त को पड़ रहा है । इस दौरान भगवान विष्णु का शयन काल होता है और इस व्रत के माध्यम से भगवान का शयन उत्सव मनाया जाता है । यह व्रत श्री हरि विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है । दोनों ही दैवीय शक्ति हमेशा एक-दूसरे के साथ रहती हैं, इसलिए जो जातक यह व्रत करता है उसके दांपत्य जीवन में कभी दूरी नहीं आती है और पुरुष विधुर नहीं होते । घर-परिवार में प्रेम और सौहार्द्र बना रहता है । सभी मनोकामनाएं अतिशीघ्र ही पूर्ण हो जाती हैं।

इस दिन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत्त होकर दिन भर उपवास रखना चाहिए। शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की मूर्ति को विशेष शैय्या पर स्थापित कर दूध और शहद से अभिषेक करें, फिर स्वच्छ जल से भगवान को स्नान कराकर वस्त्र अर्पित करें, रोली अक्षत से टीका करें, फल, पुष्प व जल आदि से विधि-पूर्वक उनकी पूजा करनी चाहिए । इस व्रत में व्यक्ति का पूजा के समय मौन धारण करना अति शुभ एवं कल्याणकारी माना जाता है । उपाय:-

भगवान लक्ष्मीनारायण के चित्र या मूर्ति पर पीपल के पत्तों की माला चढ़ाएं ।

लक्ष्मी जी को सौंदर्य प्रसाधन चढ़ाएं ।

सिक्के पर इत्र लगाकर लक्ष्मी मंदिर में चढ़ाएं, मनोकामनायें शीघ्र पूर्ण होंगी ।

लक्ष्मी मंदिर में चमेली का इत्र चढ़ाएं ।

पति-पत्नी मिलकर पक्षियों को बाजरा के दाने खिलायें ।

================================

Together Forever

As much as woman needs man, man also needs woman equally. Wives keep karwa chauth fast for the long life of their husband's, similarly husbands should also keep Ashunyashayan Dwitiya fast for their partners. Ashunyashayan means not to have sleep alone…


Ashunyashayan means sleeping without partner. According to Hemadri and Nirnay Sindhu, ashunyashayan fast has been considered very important for betterment of husband–wife relationship. This fast is prayer to lord to never part from each other. This fast is kept on the second day of Krishna paksh of sharavan and bhadrapad month. This year Krishna Paksha of Shravan Month is beginning on 10th July. Pratipada  Tithi will be there till morning 11:23 a.m. Post that Dwitiya will begin (Day two). Ashunyashayan Dwitiya is considered as  sahayan vyapini (because it would be Dwitiya since evening). Tomorrow’s udaya tithi will be considered as Dwitiya but it will be until 12:57 in the noon. Therefore, Dwitiya fast should be observed today and Lakshminarayana fast should be kept in the evening and 9th August in the bhadrapad month. This is the duration of lord Vishnu's sleep. And this fast is celebration of lord's sleep. This fast is dedicated to lord Vishnu and goddess Laxmi. Their power always remains together and thus, every individual who keeps this fast is blessed with a happy married life. Keeping this fast ensures that the husband and wife live together for life-long. This keeps love and warmth in the family. All wishes come true. On this day one should take bath early in the morning and start the fast. In the evening, idols of lord Vishnu and goddess Laxmi are established on special bed, their idols are cleansed with milk, honey and then plain water, after that new cloth, vermillion, flower and fruit is rendered with proper rules and rituals. Keeping quiet during this is considered very beneficial and good. ... How to do this puja-Render Peepal  leaf  garland on Lord Laxminarayana picture or idol.Render make and beauty products to goddess Laxmi.Put scented coin in goddess Laxmi's temple.Husband and wife should render sweet together to birds.

Share this post

Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in Delicious Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in Digg Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in FaceBook Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in Google Bookmarks Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in Stumbleupon Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in Technorati Submit अशून्यशयन व्रत - 10 जुलाई और 09 अगस्त in Twitter