Rahukaal Today/ 09 OCTOBER 2017 (Delhi)-15 OCTOBER 2017

  • Mon
  • Tue
  • Wed
  • Thu
  • Fri
  • Sat
  • Sun
Rahukaal Today
07:44 - 09:13

8:31:22 - 9:51:45
Rahukaal Today
15:06 - 16:35

7:14:52 - 8:58:45
Rahukaal Today
12:09 - 13:37

12:19:30 - 13:57:22
Rahukaal Today
13:37 - 15:05

13:57:37 - 15:35:45
Rahukaal Today
10:41 - 12:09

10:42:30 - 12:15:00
Rahukaal Today
09:13 - 10:41

9:10:30 - 10:42:45
Rahukaal Today
16:30 - 17:56

16:50:00 - 18:22:00
मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017
There are no translations available.

मेष राशि में हर्षल का प्रवेश

 

 

7 अप्रैल को हर्षल मेष राशि में प्रवेश कर रहा है जो मई 2024 तक इसी राशि में रहेगा, यानि पूरे सात सालों तक यह मेष

राशि में रहेगा । यह जिस भी राषि में जाता है वहां अचानक बदलाव करने वाला होता है...

 

शनि ग्रह से भी अधिक शक्तिशाली और तमोगुणी यदि किसी ग्रह को माना जाता है तो वह हर्षल है । अंग्रेजी में कहें तो यूरेनस। यह सूर्य की कक्षा का ही एक ग्रह है जो सूर्य की सातवीं कक्षा में उसके चारों ओर चक्कर लगाता है। यह पूरे 84 वर्षों में एक चक्कर पूरा करता है अर्थात् 12 राशियों के हिसाब से यह प्रत्येक राशि में कम से कम 7 वर्ष तक रहता है । इस बार यह 7 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर रहा है । यह जिस राशि में भी जाता है, उसके लिये अचानक बदलाव करने वाला होता है । यह देश की राजनीतिक सत्ता और धार्मिक विचारों में बदलाव का सूचक है । मनौवैज्ञानिकों, रिसचर्स और चिन्तकों के लिए यह शुभ माना जाता है तथा उन्हें आत्मिक शक्ति प्रदान करने वाला होता है । यह व्यक्ति को शैतान से साधु बना सकता है तो साधु से शैतान भी बना सकता है । संबंधों पर यह विपरित असर डालने वाला होता है । मिथुन, तुला व कुंभ राशि में इसे अत्यंत बलवान समझा जाता है तो वहीं मेष व वृष राशि में यह अत्यंत घातक फल देने वाला समझा जाता है । कुल मिलाकर यह अच्छे और बुरे दोनों फल देने वाला है।

द्वादश भावों में हर्षल का प्रभाव- प्रथम भाव में हर्षल होने पर व्यक्ति स्वभाव से बहुत अधिक व्यक्तिवादी और स्वार्थी हो जाता है । ये जिस भी क्षेत्र में रहते हैं या जो भी काम करते हैं, वहां नेतृत्व पाने की प्रबल इच्छा रखते हैं । हालांकि अपने भविष्य के लिए सतत प्रयत्नशील रहते हैं । असामान्य रूप से व्यक्ति को वैज्ञानिक और आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है । ये नई तकनीकों की खोज में रूचि लेते हैं। द्वितीय भाव में हर्षल के स्थित होने पर आर्थिक स्थिति पर प्रभाव होता है । आर्थिक स्थिति में अनिश्चितिता बनी रहती है । धन आता है, लेकिन अचानक चला भी जाता है । विद्युत उपकरणों और वैज्ञानिक साधनों से इन्हें अच्छा धन प्राप्त होता है । परंतु अपने दोस्तों व अन्य संगठित समूहों पर ये जरूरत से ज्यादा धन खर्च करते हैं । इस सब का एक ही मतलब है कि हर्षल द्वितिय भाव में आर्थिक पक्ष को अधिक मजबूत नहीं होने देता । धन का अपव्यय कराता रहता है । इस भाव में हर्षल के होने से व्यक्ति के विचार और उद्देश्य परम्परा से थोड़े हटकर होते हैं और इनकी क्षमता व बुद्धि का बहुत अधिक विकास नहीं हो पाता ।

तीसरे भाव में हर्षल के होने से व्यक्ति स्वतन्त्र और मौलिक विचारों वाला होता है। इनके विचारों में उग्रता और क्रान्तिकारी प्रवृत्ति होती है । ये दोस्तों की तलाश में रहते हैं और बुद्धिमानों के साथ सामूहिक काम करने के लिये आतुर रहते हैं । फेसबुक, ट्विटर या अन्य तरह की सोशल मीडिया की गतिविधियों में क्रियाशील व्यक्ति का हर्षल तीसरे भाव में ही पाया जाता है । इस भाव में हर्षल वाणी को भी प्रभावित करता है । व्यक्ति की वाणी का उच्चारण शुद्ध नहीं होता ।

चतुर्थ भाव में हर्षल व्यक्ति के घर-परिवार की स्थिति में लगातार परिवर्तन करता रहता है । ये अधिकतर सुख की तलाश में रहते हैं और इसके लिये परिवार से अलग भी हो सकते हैं । इस व्यवहार के चलते घर के लोगों का जीवन असामान्य हो सकता है । सबसे करीबी मित्र के साथ परिवार के सदस्यों जैसा व्यवहार करते हैं, लेकिन घरेलू जीवन असहज रूप से बिताते हैं ।

पांचवें भाव में हर्षल होने से व्यक्ति रचनात्मक और नयी-नयी खोज करने वाला होता है। राॅकस्टार या संगीतज्ञ आदि की कुंडली में पांचवें भाव में ही हर्षल पाया जाता है । अपनी संतान को पूरी स्वतंत्रता देते हैं । इनकी संतान बहुत ही बुद्धिमान व गुणवान होती है । लेकिन धन प्राप्त करने के लिए जुए या सट्टे का सहारा लेने की आदत इन्हें बर्बाद कर सकती है । इसलिए जितना हो सके इस लत में नहीं पड़ना चाहिए ।

छठें भाव का हर्षल अचानक रोग देने वाला होता है । लम्बे समय तक रोग रहने के बाद यह अपने आप अचानक चला भी जाता है । लम्बे संघर्ष के बाद ही ये रोजगार पाने में सफल हो पाते हैं । विकसित तकनीक में काम करने वालों, इलेक्ट्राॅनिक इंजीनीयरिंग तकनीशियनों के उत्तम सहयोगी माने जाते हैं । शोधकर्ताओं या फिर गणित से संबंधित काम वालों के सहयोगी के रूप में भी ये अच्छा काम करते हैं । ये नहीं चाहते कि इनके काम का कोई निरीक्षण करे । ये स्वतन्त्र कार्य करना पसन्द करते हैं ।

सातवें भाव का हर्षल संबंधों के मामले में बदलाव लाने वाला होता है । अचानक संबंध बनते और बिगड़ते हैं । इस भाव में हर्षल रहने से अचानक विवाह के प्रस्ताव आते हैं, विवाह होता है, लेकिन बाद में पछताना पड़ता है । कई मामलों में तो तलाक की स्थिति भी बन जाती है । अतः सातवें भाव में हर्षल होने पर विवाह संबंधों और अन्य संबंधों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ये लोग आवश्यकता से अधिक पाना चाहते हैं । इसलिए भागीदारी का काम इनके लिये ठीक नहीं होता । ऐसे व्यवसाय में ये लोग अधिकतर असफल ही होते हैं ।

आठवें भाव में हर्षल होने से व्यक्ति परेशानियों से घिरा रहता है । अचानक अस्वाभाविक मृत्यु, कोई दुर्घटना, अस्वाभाविक पक्षाघात, अचानक कोई पैतृक बीमारी उभर सकती है । ऐसे लोगों की सम्पत्ति पर विवाद बना रहता है।

नवें भाव में यदि हर्षल हो तो व्यक्ति का राहु परम्परा से हटकर धार्मिक विश्वास पैदा करता है । पारंपरिक धर्म के विरोधी बना रहने से यह उग्र भी हो जाता है । ऐसे व्यक्ति ज्योतिष या भविष्यवक्ता बनने की इच्छा रखते हैं । ज्योतिषियों की कुंडली में अक्सर नवें भाव में हर्षल देखा गया है । ये अचानक धार्मिक यात्राएं करते रहते हैं ।

दसवें भाव में हर्षल का होना अक्सर अच्छा फल देने वाला होता है । इस भाव में हर्षल होने से व्यक्ति अक्सर अपना व्यवसाय बदलता रहता है । साथ ही इनका जीवन स्तर भी बदलता रहता है । राजनीति के क्षेत्र में इनकी छवि एक उदार नेता के रूप में जानी जाती है । ऐसे लोग क्रान्तिकारी स्वभाव और दृढ़ इच्छा शक्ति वाले होते हैं। सार्वजनिक या सामाजिक क्षेत्र में इनका असरदार व्यक्तित्व होता है । विज्ञान के क्षेत्र व इलेक्ट्राॅनिक क्षेत्र में किसी आधिकारिक पद पर आसीन होते हैं । लेकिन ये अपने सह-कर्मचारियों और उच्चपदस्थ अधिकारियों से दूरी बनाकर रहते हैं ।

ग्यारहवें भाव का हर्षल व्यक्ति को मानवतावादी बनाता है । इनके दोस्त तरह-तरह के होते हैं, लेकिन दोस्ती एक भी नहीं टिकती । दोस्त बनते हैं और दूर होते रहते हैं । सामूहिक रूप में काम पसन्द करने के कारण इनकी जिन्दगी क्रान्तिकारी बन जाती है । कुछ मामलों में खासकर कि व्यवसाय में ये पूरी स्वतन्त्रता चाहते हैं ।अक्सर ये व्यक्तिवादी होते हैं और अपनी हानि व लाभ के प्रति स्वयं जिम्मेदार होते हैं । बारहवें भाव में हर्षल से व्यक्ति अंतज्र्ञानी और संवेदनशील होता है और इनमें सभी कार्य करने की क्षमता होती है । दूसरों को परखने की समझ रखते हैं । अपने आदर्शों को सपने में देखते हैं । अनिद्रा के शिकार होते हैं । सहयोगियों के साथ गैरकानूनी काम करते रहते हैं । धन का अपव्यय करने से असन्तुष्ट रहते हैं ।

 

 

 

 

 

 

Share this post

Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in Delicious Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in Digg Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in FaceBook Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in Google Bookmarks Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in Stumbleupon Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in Technorati Submit मेष राशि में हर्षल का प्रवेश - 7 अप्रैल 2017  in Twitter